Chirag Paswan

बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में, प्रमुख गठबंधनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (MGB) के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि क्या उनके छोटे सहयोगी दल, जो अपने मुख्य सहयोगियों से अच्छी सीटें हासिल करने में सफल रहे हैं, मंगलवार को वोटिंग के बाद अपेक्षित परिणाम दे पाएंगे।

NDA के प्रमुख छोटे सहयोगी दल और उनकी चुनौती

NDA को अपने गढ़ों को बरकरार रखने और नए क्षेत्रों में सेंध लगाने के लिए अपने छोटे सहयोगियों पर निर्भर रहना होगा।

पार्टी (नेता)मुख्य वोट बैंक/पहचानदूसरे चरण में सीटें (कुल सीटें)प्रमुख चुनौती
LJP (RV) (चिराग पासवान)दलित/राम विलास पासवान के चेहरे15/28 (एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द हुआ)NDA के भीतर सीटों के अधिक हिस्से को सही साबित करना।
हम (HAM) (जीतन राम मांझी)दलित/पूर्व मुख्यमंत्री6/6मगध क्षेत्र (Magadh Region) में बेहतर प्रदर्शन करना, जहां MGB ने 2020 में 26 में से 20 सीटें जीती थीं।
RLM (उपेंद्र कुशवाहा)कुशवाहा समुदाय का चेहरा4/6 (उनकी पत्नी भी मैदान में)कुशवाहा वोट को NDA के पक्ष में एकजुट करना।

महागठबंधन (MGB) के प्रमुख छोटे सहयोगी दल

MGB, अपनी पारंपरिक सीटों पर पकड़ मजबूत करने और NDA के गढ़ों में सेंध लगाने के लिए अपने सहयोगियों पर भरोसा कर रहा है।

पार्टी (नेता)मुख्य वोट बैंक/पहचानदूसरे चरण में सीटें (कुल सीटें)प्रमुख चुनौती
कांग्रेस (Congress)केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका37/61गठबंधन के लिए अधिक सीटें जीतना।
VIP (मुकेश सहनी)निषाद (Nishad) वोट (2.6% आबादी)7/12तिरुहुत क्षेत्र (Tirhut Region) में NDA को पीछे धकेलना। MGB ने उन्हें जीतने पर उपमुख्यमंत्री पद का विकल्प देने की बात कही है।

सीमांचल का समीकरण और AIMIM की भूमिका

सीमांचल क्षेत्र, जहां मुस्लिम आबादी का घनत्व सबसे अधिक है, वह इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।

  • AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी) फिर से चुनाव मैदान में है। 2020 में, AIMIM ने इस क्षेत्र की 24 में से 5 सीटें जीतकर MGB को आश्चर्यचकित कर दिया था।
  • NDA का अनुमान: गठबंधन मानता है कि अगर AIMIM मुस्लिम वोटों के एक हिस्से को अपनी ओर खींचती है, तो हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण (consolidation) NDA के पक्ष में हो सकता है।
  • MGB की उम्मीद: MGB को भरोसा है कि इस बार मुस्लिम मतदाता पूरी तरह से उनके पक्ष में एकजुट होंगे, जिससे उनकी संख्या में बड़ी वृद्धि हो सकती है।

अन्य महत्वपूर्ण कारक

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी: पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर राज्य की द्विपक्षीय राजनीति में तीसरा ध्रुव बनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं।

उच्च मतदान: पहले चरण में 65% से अधिक का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था, जिससे दोनों गठबंधनों ने लोकप्रिय समर्थन का दावा किया। दूसरे चरण में भी यदि इसी तरह का उच्च मतदान होता है, तो मतदाता का रुझान किस गठबंधन की तरफ है, यह तय करना अधिक जटिल हो जाएगा।